ग्रीन मफलर क्या है और यह प्रदूषण से किस प्रकार संबंधित है? – Green Muffler

What is Green Muffler

ग्रीन मफलर अधिक आबादी वाले या ध्वनि प्रदूषण वाले क्षेत्र जैसे सड़कों के किनारे, औद्योगिक क्षेत्रों और राजमार्गों के आस-पास के रिहायशी इलाकों मंं 4-6 पंक्तियों में वृक्षारोपण कर ध्वनि प्रदूषण को कम करने की एक तकनीक है ताकि घने पेड़ ध्वनि प्रदूषण को कम कर सके क्योंकि पेड़ ध्वनि को फिल्टर करते हैं और इसे नागरिकों तक पहुँचने से रोकते हैंl
        
इसके अलावा ग्रीन मफलर आंतरिक दहन इंजन के निकास द्वारा उत्सर्जित ध्वनि की मात्रा को कम करने के लिए प्रयुक्त एक उपकरण भी हैl

ग्रीन मफलर योजना

इस योजना के अंतर्गत घर या रिहायसी इलाकों के आस-पास ध्वनि प्रदूषण को कम करने के लिए अशोक और नीम के पौधे लगाये जाते हैंl

क्या आप जानते हैं कि पेड़ों को ध्वनि प्रतिरोधक क्यों कहा जाता है?

Trees in buffer

 – वे ध्वनि प्रदूषण को नियंत्रित करते हैं। यहां तक कि शहरी ध्वनि प्रदूषण भी पत्थर की दीवारों की तरह पेड़ों की झुरमुट में दब जाते हैंl
– पौधों को ध्वनि अवरोधक के रूप में उपयोग करने का एक फायदा यह है कि पौधे लोगों को परेशान करने वाले उच्च आवृत्तियों के ध्वनियों को भी आसानी से रोकते हैंl
– चौड़े पत्ते वाले सदाबहार छोटे वृक्ष भी ध्वनि प्रदूषण से संरक्षण प्रदान करते हैं अतः इन वृक्षों का रोपण काफी लाभदायक हैl पेड़ अपनी शाखाओं और पत्तों के माध्यम से ध्वनि तरंगों को अवशोषित करते हैं।
– ध्वनि प्रदूषण को कम करने के लिए दो पेड़ो के बीच काफी कम जगह या न के बराबर जगह छोड़कर वृक्षारोपण करना चाहिएl
– वास्तव में नरम जमीन ध्वनि का अच्छा अवशोषक है। अतः कठोर सतहों पर वृक्षारोपण से बचना चाहिएl इसके अलावा, पौधे लगाने से पहले मिट्टी की जुताई करने और मिट्टी की सतह में कार्बनिक पदार्थ के छिड़काव से ध्वनि प्रदूषण को कम करने में मदद मिल सकती हैl
संयुक्त राज्य अमेरिका के कृषि विभाग के अंतर्गत आने वाले राष्ट्रीय कृषि और वानिकी केन्द्र के अनुसार पेड़ों और झाड़ियों के द्वारा सही ढंग से निर्मित प्रतिरोधक के माध्यम से लगभग 10 डेसिबल या 50% तक ध्वनि प्रदूषण को कम किया जा सकता हैl

अधिकांश आंतरिक दहन इंजनों में, मफलरों को निकास प्रणाली के भीतर स्थापित किया जाता है। इसे इस तरह से बनाया गया है कि यह ध्वनि के दबाव के कारण उत्पन्न आवाज को कम करने में मदद करता हैl इंजन द्वारा उत्पादित अधिकांश ध्वनि दबाव वाहन से बाहर निकलने के लिए उसी पाइप का उपयोग करते हैं जिसका उपयोग शीत निकास गैसों द्वारा क्रमशः बाहर निकलने वाले मार्ग के रूप में और कक्षों की श्रृंखलाओं द्वारा अवशोषित करने के लिए किया जाता है जो फाइबर ग्लास इन्सुलेशन या गूंजती कक्षों के साथ खड़ी होती है जो सामंजस्यपूर्ण हस्तक्षेप का कारण बनते हैं। इस प्रकार विपरीत ध्वनि तरंग एक-दूसरे को समाप्त कर देते हैंl इसलिए इंजन में ध्वनि प्रदूषण को नियंत्रित करने वाले तकनीक को मफलर के रूप में जाना जाता है और वृक्षारोपण के माध्यम से ध्वनि प्रदूषण को नियंत्रित करने की तकनीक को ग्रीन मफलर के रूप में जाना जाता है।

ग्रीन इंडिया स्कीम के लिए राष्ट्रीय मिशन के अनुमोदन के बारे में

National Mission for a Green India

आर्थिक मामलों की कैबिनेट कमेटी ने पर्यावरण और वन मंत्रालय द्वारा प्रस्तावित ग्रीन इंडिया (जीआईएम) के लिए एक केन्द्रीय योजना को मंजूरी दे दी है, जिसका वर्णन 12वीं पंचवर्षीय योजना में किया गया थाl इस मिशन का उद्देश्य वन एवं वृक्षरोपण को बढ़ावा देना, जंगल की गुणवत्ता में सुधार करना, पारिस्थितिक तंत्र जैसे- जैव विविधता, जल विज्ञान सेवाओं में सुधार करना, परिवारों के लिए वन आधारित आजीविका के माध्यम से आय में वृद्धि करना, जंगल के अंदर और उसके आसपास रहने वाले लोगों के रहन-सहन में सुधार करना आदि शामिल हैं।
 

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