विक्रम राठौर: भारतीय टीम के नए बल्लेबाजी कोच

विक्रम राठौर ने भारतीय क्रिकेट टीम के बल्लेबाजी कोच के रूप में संजय बांगर की जगह 22 अगस्त, 2019 को ली है. हालांकि राठौड़ को अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट का ज्यादा अनुभव नहीं है लेकिन प्रथम श्रेणी के बल्लेबाज के रूप में उन्होंने 33 शतकों की मदद से 11000 से अधिक रन बनाए हैं और वह 20 हजार से ज्यादा रन बनाने वाले विराट को कोहली को बल्लेबाजी करना सिखायेंगे.

विक्रम राठौर के बारे में व्यक्तिगत जानकारी

पूरा नाम: विक्रम राठौर

जन्म तिथि और स्थान: 26 मार्च, 1969, (जालंधर), पंजाब

वर्तमान आयु: 50 वर्ष

बैटिंग स्टाइल: राइट हैंड बैट

क्षेत्ररक्षण की स्थिति: विकेटकीपर

अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट कैरियर: 1996 से 1997 तक 6 टेस्ट और 7 वनडे

टेस्ट डेब्यू: इंग्लैंड के खिलाफ बर्मिंघम में 1996 

वनडे डेब्यू: पाकिस्तान के खिलाफ 15 अप्रैल 1996 को शारजाह

वर्तमान स्थिति: भारतीय क्रिकेट टीम के बल्लेबाजी कोच

विक्रम राठौर का प्रथम श्रेणी कैरियर

राठौर प्रथम श्रेणी स्तर पर एक उत्कृष्ट रन स्कोरर थे, जिन्होंने 146 मैचों में 49.66 की शानदार औसत के साथ 11,473 रन बनाए थे.
विक्रम राठौर ने प्रथम श्रेणी मैचों में अच्छा प्रदर्शन किया था, उन्होंने प्रथम श्रेणी मैचों में 33 शतक और 49 अर्धशतक बनाए थे. प्रथम श्रेणी मैचों में विक्रम का सर्वोच्च स्कोर 254 रन था.

अंतर्राष्ट्रीय कैरियर:

विक्रम राठौर एक पूर्व भारतीय क्रिकेटर हैं जिन्होंने 1996 से 1997 के दौरान भारतीय टीम के लिए खेला था. विक्रम राठौर भारतीय टीम के ओपनर बल्लेबाज थे. उन्होंने 6 टेस्ट मैच खेले हैं और 10 पारियों में 34.20 के औसत से 131 रन बनाए थे. टेस्ट मैचों में उनका सर्वोच्च स्कोर 44 रन था. उन्होंने टेस्ट मैट्स में 12 कैच लपके लेकिन एक भी छक्का मारने में असमर्थ रहे थे.

विक्रम ने 7 एकदिवसीय मैच खेले हैं और 27 की औसत से 193 रन बनाए थे; एकदिवसीय मैचों में विक्रम का उच्चतम स्कोर 54 था. वह वनडे में सिर्फ 2 अर्धशतक और कोई शतक नहीं बना सके थे.

भारतीय टीम के बल्लेबाजी कोच के रूप में 

विक्रम राठौर; 14 अन्य प्रतियोगियों को हराकर 22 अगस्त, 2019 को भारतीय क्रिकेट टीम के लिए बल्लेबाजी कोच के रूप में चुना गया है, जिसमें इंग्लैंड के पूर्व बल्लेबाज जोनाथन ट्रॉट, वेस्ट इंडीज के मार्क रामप्रकाश और भारत के प्रवीण आमरे शामिल हैं.

विक्रम राठौर ने संजय बांगर की जगह ली है जिन्हें न्यूजीलैंड के खिलाफ विश्व कप सेमीफाइनल में अपने मूर्खतापूर्ण फैसले के लिए बर्खास्त किया गया है.

निष्कर्ष में यह कहा जा सकता है कि विक्रम राठौर पिछले कोचों की तरह अच्छे कोच हो सकते हैं. हालाँकि इस समय; भारतीय टीम प्रतिभाशाली बल्लेबाज से भरी हुई है, इसलिए बल्लेबाजी कोच की भूमिका उतनी महत्वपूर्ण नहीं है, जितनी अतीत में हुआ करती थी.  विक्रम राठौर कितने सफल कोच साबित होते हैं और उनके मार्गदर्शन में भारतीय टीम कितने झंडे गाडती है यह तो आने वाला समय ही बताएगा.

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