Salary of the President of India in Hindi – भारत के राष्ट्रपति की सैलरी (वेतन)

भारत के राष्ट्रपति का वेतन और भत्ता कितना होता है? – भारत सरकार ने अक्टूबर वर्ष 2017 में में भारतीय राष्ट्रपति का वेतन भत्ता 1.5 लाख रुपये / माह से रु। 5 लाख रुपये / महीना बढ़ाने का फैसला किया। वेतन के अलावा राष्ट्रपति को इसके अलावा मुफ्त चिकित्सा, आवास और उपचार की सुविधा (पूरा जीवन) प्रदान की जाती है. इस नए वेतन के लागू होने के बाद भारत के राष्ट्रपति को 1.5 लाख रुपए/ माह पेंशन के रूप में प्रदान की जायेगी इसी के साथ राष्ट्रपति की जीवनसाथी को 30,000 प्रति माह गुप्त सहायता भी मिलेगी.

राष्ट्रपति देश का प्रथम नागरिक मन जाता है जो राष्ट्र की अखंडता और एकजुटता के प्रतीक के रूप में देश के लिए कार्य करता है। श्री राम नाथ कोविंद भारत के 14 वें राष्ट्रपति हैं और अनुच्छेद-52 के अंतर्गत राष्ट्र्पति भारतीय राज्य का प्रमुख नागरिक होता है इसके साथ ही राष्ट्र्पति देश के सभी सशस्त्र बलों का भी प्रमुख होता हैं|

इस लेख में हमने बताया है की 7वें वेतन आयोग के लागू होने के बाद राष्ट्र्पति के वेतन 200 प्रतिशत क्यों बढ़ा और भारत के राष्ट्र्पति का वर्तमान वेतन लगभग कितना है| हम सभी को पता है की देश का राष्ट्र्पति एक सर्वोच्च नागरिक होता है लेकिन क्या आप जानते है की सातवें वेतन लागु होने के बाद

कैबिनेट सचिव का वेतन 2.5 रुपए लाख प्रति माह जबकि भारत के राष्ट्रपति को 1.5 लाख रुपये प्रतिमाह रुपये मिल रहे थे इस तरह से भारत सरकार में एक कर्मचारी का वेतन भारत के राष्ट्रपति के रूप में अधिक हो गया था इस स्थिति को देश के राष्ट्र्पति के प्रतिष्ठित पद के खिलाफ माना जाता था इसलिए भारत सरकार ने राष्ट्रपति का वेतन बढ़ाने का फैसला किया है।

भारतीय संविधान के अनुच्छेद 52 के अनुसार, भारत में एक राष्ट्रपति होगा, जैसा की हमने बताया की देश का राष्ट्र्पति एक सर्वोच्च अधिकारी होता है और उसे देश का प्रथम नागरिक भी कहा जाता है

वर्तमान में मिल रहे राष्ट्रपति के वेतन और भत्ते निम्न प्रकार से हैं:

  • वेतन: 5 लाख रुपये प्रति माह (गैर कर योग्य)
  • मुफ्त चिकित्सा सुविधाएं
  • नि: शुल्क आवास
  • मुफ्त इलाज (पूरा जीवन)
  • राष्ट्रपति की आधिकारिक राज्य कार कस्टम निर्मित भारी बख्तरबंद मर्सिडीज बेंज S600 (W221) पुलमैन गार्ड है।

इन सभी सुविधाओं के अलावा, भारत सरकार राष्ट्रपति के आवास, इनके कर्मचारियों, भोजन और मेहमानों की मेजबानी जैसे अन्य खर्चों पर सालाना लगभग 22.5 मिलियन रुपये खर्च करती है

सेवानिवृत्ति (रिटायरमेंट) के बाद राष्ट्र्पति का वेतन:

  • वह पेंशन के रूप में (वर्तमान दरों पर) 5 रुपये लाख प्रति माह प्राप्त कर पाएंगे
  • राष्ट्रपति की जीवनसाथी को लगभग 30,000 रुपये प्रति माह की सहायता मिलेगी।
  • एक सुसज्जित किराया मुक्त बंगला (टाइप VIII)
  • दो फ्री लैंडलाइन और एक मोबाइल फोन।
  • एक निजी सचिव सहित पांच व्यक्तिगत कर्मचारी
  • स्टाफ का सालाना खर्च 60,000 रुपये
  • ट्रेन या हवाई मार्ग से एक साथी के साथ मुफ्त यात्रा|

पिछले वर्षो में भारत के राष्ट्रिपरियों को कितना वेतन मिलता रहा.

  • वर्ष 1951 में भारत के राष्ट्रपति वेतन भत्ते के रूप में 10,000 और 15000 रुपये प्राप्त करते थे.
  • वर्ष 1985 में भारत के राष्ट्रपति वेतन भत्ते के रूप में 15,000 और 30000 रुपये प्राप्त करते थे.
  • वर्ष 1989 में भारत के राष्ट्रपति वेतन भत्ते के रूप में 20,000 और 10000 रुपये प्राप्त करते थे.
  • वर्ष 1998 में भारत के राष्ट्रपति वेतन भत्ते के रूप में 50,000 रुपये प्राप्त करते थे.
  • वर्ष 2008 में भारत के राष्ट्रपति वेतन भत्ते के रूप में 1,50,000 रुपये प्राप्त करते थे.
  • वर्ष 2016 में भारत के राष्ट्रपति वेतन भत्ते के रूप में 5,00,000 रुपये प्राप्त करते थे.

वर्तमान में अभी भारत सरकार राज्य के अन्य प्रमुख नागरिक जैसे राज्य के राज्यपाल और भारत के उपराष्ट्रपति जैसे अन्य अधिकारियों की सैलरी बढ़ाने की योजना बना रही है और इससे पहले वर्ष 2008 से राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति और राज्यपाल का वेतन तीन गुना बढ़ा दिया गया था।

इस नवीनतम वेतन वृद्धि से पहले, राष्ट्रपति का वेतन 1.5 लाख रुपए लाख प्रति माह, उपराष्ट्रपति का वेतन 1.25 रुपये प्रति माह और राज्यपालों का वेतन 1,10,000 प्रति माह रुपये था। सरकार ने उपराष्ट्रपति के वेतन 1.25 प्रति माह 3.5 लाख रूपये प्रति माह वृद्धि की है|

इस अध्याय का अध्यन करने के बाद यह निष्कर्ष कह सकते है की भारत सरकार मासिक आधार पर लगभग 2 करोड़ रुपये या भारत के राष्ट्रपति के आधार पर वार्षिक आधार पर 22.5 करोड़ रुपये खर्च करती है। इन खर्चों में विश्व भर में उनकी यात्रा के सभी खर्च, उनकी सुरक्षा, उनके पारिश्रमिक आदि सभी शामिल हैं।

Leave a Comment