जानें ISO प्रमाणित पहले भारतीय रेलवे स्टेशन के बारे में

रेलवे हम सब के जीवन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है. ये एक जगह से दूसरी जगह जाने का अच्छा साधन है और ज्यादा तर भारत में लोग इसका उपयोग करते हैं. जैसा कि हम जानते हैं कि रेलवे में विकास काफी तेज़ी से बढ़ रहा है और ऐसा ही एक और कदम रेलवे ने लिया है भारतीय रेलवे स्टेशन को ISO सर्टिफाइड बनाके. आइये जानतें हैं ऐसे रेलवे स्टेशन के बारे में.

भारतीय हरित न्यायाधिकरण (NGT) द्वारा भारत के गुवाहाटी रेलवे स्टेशन को 26 मार्च, 2019 को ISO 14001:2015 प्रमाण-पत्र प्रदान किया गया. यह प्रमाण पत्र गुवाहाटी रेलवे स्टेशन को स्वच्छ और हरित वातावरण में यात्रीयों को सुविधाएं प्रदान करने के लिए दिया गया है. यहीं आपको बता दें कि यह प्रमाण पत्र प्राप्त करने वाला गुवाहाटी रेलवे स्टेशन भारत का पहला रेलवे स्टेशन बन गया है. क्या आपको पता है कि वर्ष 2018 में गुवाहाटी रेलवे स्टेशन सौर उर्जा संचालित करने वाला भारत का पहला रेलवे स्टेशन भी बना था.

गुवाहाटी रेलवे स्टेशन के परिसर में उच्च श्रेणी के रिजर्व (विआईपी) लाउंज, वेटिंग रूम, वातानुकूलित और गैर-वातानुकूलित रिटायरिंग रूम, रिफ्रेशिंग क्षेत्र, रेल यात्रियों के लिए भोजन की सुविधा और स्वच्छता सुविधाएं उपलब्ध हैं.

जानें भारत के पहले अंतर्राष्ट्रीय मानक रेलवे स्टेशन के बारे में

देश भर के रेलवे स्टेशनों में NGT ने कचरे के प्रभंधन के लिए सख्त उपाय अपनाने का निर्देश दिया था और फिर इसके बाद पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे ने इस साल फरवरी में मेसर्स कैलिबर मैनेजमेंट सॉल्यूशंस के लिए पर्यावरण प्रबंधन प्रणाली के लिए परामर्श अनुबंध दिया था. 22 फरवरी, 2019 से नई दिल्ली और गुवाहाटी स्थित एक कंसल्टेंसी फर्म मेसर्स कैलिबर मैनेजमेंट सॉल्यूशंस ने स्टेशन पर सुविधाओं का परिक्षण करना शुरू किया और यह काम 22 मार्च, 2019 को पूरा हुआ. जिसके अनुसार 26 मार्च, 2019 को गुवाहाटी को ISO सर्टिफाइड किया गया.

आखिर ISO क्या है?

ISO एक अंतर्राष्ट्रीय मानकीकरण संगठन है, जो विभिन्न क्षेत्रों की गतिविधियों में मानक स्थापित करने के लिए जवाबदेह है. ISO का पूरा नाम International Organization for Standardization यानी अंतरराष्ट्रीय मानकीकरण संगठन हाकी. इसे ऐसे भी समझा जा सकता है कि यह एक प्रकार का सर्टिफिकेट होता है जो कंपनियों को दिया जाता है. 23, फरवरी, 1947 में इसकी स्थापना की गई थी. इसका मुख्य उद्देश्य दुनिया भर में व्यापार, स्वामित्व, औद्योगिक और वाणिज्यिक मानकों को बढ़ावा देना है. जिनीवा, स्विट्ज़रलैंड में इसका मुख्यालय है.

नोट: संभागीय पर्यावरण अधिकारी बृजमोहन के अधीन पर्यावरण और हाउसकीपिंग मैनेजमेंट विंग ने यह पहल की, और बहुत कम समय में एकीकृत प्रबंधन प्रणाली प्रमाणन के लिए कदम उठाए गए. इसमें 3 ISO प्रमाण पत्र शामिल हैं, ISO: 9001 गुणवत्ता प्रबंधन प्रणाली, ISO:14001 पर्यावरण प्रबंधन प्रणाली और ISO:45001 सुरक्षा प्रबंधन प्रणाली जिसे सतीश, वरिष्ठ मंडल परिचालन प्रबंधक द्वारा जारी किया गया है. रेलवे बोर्ड ने इको स्मार्ट स्टेशनों के रूप में विकसित होने के लिए देश भर के 37 प्रमुख स्टेशनों की पहचान की थी.

अंतर्राष्ट्रीय नियमों के अनुसार, पारिस्थितिकी तंत्र प्रबंधन प्रणाली के लिए कई प्रकार के ISO प्रमाणन सर्टिफिकेट देती है और गुवाहाटी रेलवे स्टेशन द्वारा प्राप्त एक ISO:14001 है, जो कि पर्यावरण प्रबंधन प्रणाली के लिए अंतरराष्ट्रीय मानदंडों के अनुसार दिया जाता है और इसे 2015 में अपग्रेड किया गया था. इस प्रकार, स्टेशन का प्रमाणपत्र ISO 14001: 2015 है. 2020 में प्रमाणन की समीक्षा की जाएगी और इसीलिए कचरे को हटाने का प्रयास गुवाहाटी स्टेशन में शक्ति से पालन किया जा रहा है.

यहीं आपको बता दें कि प्रमाणित एजेंसियां मैकेनिकल क्लीनिंग, एंटी ट्रीटमेंट, क्वालिटी क्लीनिंग, केमिकल इत्यादि की निगरानी और ऑडिट करेंगी. यानी यात्रियों को स्टेशन परिसर में साफ़-सफाई, स्वच्छता मिलेगी. आने वाले समय में और भी रेलवे स्टेशन को ISO प्रमाणन प्राप्त करने के लिए संभव प्रयास चल रहे हैं.

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