Current Affairs August 14, 2018

Current Affairs August 14, 2018 को सभी अखबारों जैसे द हिंदू, द इकोनॉमिक टाइम्स, प्रेस इनफार्मेशन ब्यूरो, टाइम्स ऑफ इंडिया, इंडियन एक्सप्रेस और बिजनेस स्टैंडर्ड का अध्ययन कर तैयार किया गया है। यह जानकारी पाठक को UPSC, SSC, Banking, Railway और अन्य सभी प्रतियोगिता परीक्षा में बेहतर प्रदर्शन में सहायक होगी।

भारतीय सेना पर्वतारोहण अभियान माउंट कामेट (7756 मीटर)

पर्वतारोहण के क्षेत्र में अधिक ऊंचाई हासिल करने के प्रयास में, भारतीय सेना 2019 में दुनिया के पांचवें सबसे ऊंचे पर्वत शिखर Mount Makalu (8485 एम) का प्रयास करने की योजना बना रही है। इसके अग्रदूत के रूप में (माउंट कामेट (7756 एम) के लिए) एक अभियान, जोशीमठ जिला चमोली, उत्तराखंड अगस्त-सितंबर 2018 में आर्मी एडवेंचर विंग के तहत आयोजित किया जा रहा है। यह अभियान 13 अगस्त 2018 को सैन्य प्रशिक्षण महानिदेशक द्वारा दिल्ली से ध्वजांकित किया गया। कंचनगंगा और नंददेवी के बाद माउंट कामेट, भारत का तीसरा सबसे ऊंचा शिखर है और यह देश के भीतर चढ़ने के लिए उपलब्ध एकमात्र सर्वोच्च शिखर है।

केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा प्लास्टिक से निर्मित राष्ट्रीय ध्वज के उपयोग पर पाबंदी

13 अगस्त 2018 को केंद्रीय गृह मंत्रालय ने “भारतीय ध्वज संहिता-2002” और “राष्ट्रीय सम्मान के अपमान की रोकथाम अधिनियम 1971” के तहत प्लास्टिक से निर्मित राष्ट्रीय ध्वज के उपयोग पर सत्य अनुपालन सुनिश्चित करने के लिए जानकारी प्रकाशित की। यह अधिनियम राष्ट्रीय ध्वज के प्रति लोगों की उम्मीदों और आकांक्षाओं का प्रतिनिधित्व करता है और राष्ट्रीय ध्वज के लिए सार्वभौमिक स्नेह और सम्मान को प्रतिबिंबित करता है।

हमें ध्यान देना चाहिए कि महत्वपूर्ण राष्ट्रीय, सांस्कृतिक और खेल आयोजनों के अवसर पर प्लास्टिक के बने राष्ट्रीय ध्वज का इस्तेमाल किया जा रहा है जो बायोडिग्रेडेबल नहीं होने के कारण लंबे समय तक विघटित नहीं होता है, जिससे ध्वज की गरिमा हताहत होती है। हमें ध्यान देना चाहिए कि भारतीय ध्वज संहिता 2002 के प्रावधानों के संदर्भ में केवल पेपर से बने ध्वज सार्वजनिक रूप से उपयोग में लिए जा सकते हैं और ऐसे ध्वज को ना तो त्यागा जा सकता है और ना ही जमीन पर रखा जा सकता है। इस तरह के झंडा ध्वज की गरिमा के अनुरूप निदान किया जाना आवश्यक होता है।

देश की प्रथम “स्वदेश दर्शन योजना” मणिपुर के ‘नॉर्थ ईस्ट सर्किट: इम्फाल और खोंगजोम’ में आयोजित

मणिपुर के माननीय राज्यपाल डॉ नज्मा ए हेप्तुल्ला, श्री एन बिरेन की उपस्थिति में भारत सरकार के पर्यटन मंत्रालय की स्वदेश दर्शन योजना के तहत लागू “पूर्वोत्तर सर्किट का विकास: इम्फाल और खोंगजोम” परियोजना का उद्घाटन करेंगे। यह परियोजना देश में उद्घाटन स्वदेश दर्शन योजना के तहत पहली परियोजना है।

स्वदेश दर्शन योजना एक योजनाबद्ध और प्राथमिकता से देश में विषयगत सर्किट के विकास के लिए पर्यटन मंत्रालय की प्रमुख योजना है। यह योजना 2014 -15 में लॉन्च की गई थी और मंत्रालय ने इस योजना के तहत 29 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को 7070 परियोजनाओं को 70708.88 करोड़ रूपए के लिए म
ंजूरी दे दी है। इन परियोजनाओं की 30 परियोजनाओं/प्रमुख घटकों को इस वर्ष पूरा होने की उम्मीद है। इस परियोजना में दो साइटों यानी कंगला किला और खोंगजोम शामिल हैं। कंगला किला इम्फाल शहर के दिल में स्थित मणिपुर की सबसे महत्वपूर्ण ऐतिहासिक और पुरातात्विक स्थल है। जबकि खोंगजम वह जगह है जहां 1891 के एंग्लो मणिपुर युद्ध के प्रतिरोध की आखिरी लड़ाई लड़ी गई थी। इस परियोजना के तहत एक पैदल यात्री पुल और कोम्बेरी झील का कायाकल्प 4.89 करोड़ रुपये से किया गया है।

आशीष कुमार भूटानी: प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के नए सीईओ

सरकार ने वरिष्ठ नौकरशाह आशीष कुमार भूटानी को प्रधान मंत्री फासल बीमा योजना के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) नियुक्त किया है। उन्हें 2020 तक पद के लिए नियुक्त किया गया है। वह असम-मेघालय कैडर के आईएएस अधिकारी (1992 बैच) हैं।
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना

यह किसानों को तेजी से बीमा सेवाएं एवं राहत सुनिश्चित करने के लिए वर्ष 2016 में शुरू एक कल्याणकारी योजना है। यह पूर्ववर्ती राष्ट्रीय कृषि बीमा योजना और संशोधित राष्ट्रीय कृषि बीमा योजना की जगह ले कर राष्ट्रीय वन योजना विषय के अनुरूप तैयार की गई है। इसका उद्देश्य किसानों पर प्रीमियम बोझ को कम करना और पूर्ण बीमा राशि के लिए फसल आश्वासन दावे के प्रारंभिक निपटारे को सुनिश्चित कर
ना है।

फतेह मोबिन: ईरान की अगली पीढ़ी की शॉर्ट-रेंज बैलिस्टिक मिसाइल

14 अगस्त 2018 को ईरान ने फतेह मोबिन नामक अगली पीढ़ी की शॉर्ट रेंज बैलिस्टिक मिसाइल का सफलतापूर्वक परीक्षण किया। यह परीक्षण संयुक्त राष्ट्र अमेरिका के साथ ईरान के बढ़ते हुए तनाव के तहत किया गया है। ईरान का मिसाइल कार्यक्रम विश्व शक्तियों, विशेष रूप से संयुक्त राज्य अमेरिका के साथ विवाद का प्रमुख कारण है। लेकिन ईरान इसे परेशान पश्चिम एशियाई क्षेत्र में अपनी रक्षात्मक मुद्रा के लिए महत्वपूर्ण मानता है।

फतेह मोबिन:

फतेह मोबिन ईरान में घरेलू प्रौद्योगिकी का इस्तेमाल कर बनाई गई बैलिस्टिक मिसाइल है। फतेह मोबिन बैलिस्टिक मिसाइल पिछले संस्करण की तुलना में 300 से 500 किलोमीटर के बीच अपने लक्ष्य को भेदने में सक्षम है। अगस्त 2018 में हार्मोज के रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण जलडमरूमन में नौसेना अभ्यास के दौरान ईरान द्वारा इस मिसाइल का परीक्षण किया गया था। इससे यह वर्ष 2017 के बाद से ईरानी बैलिस्टिक मिसाइल की पहली टेस्ट-फायर और फतेह मिसाइल श्रृंखला का पहला परीक्षण है।

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