भारत का राष्ट्रीय सौर ऊर्जा मिशन क्या है?

What is India’s National Solar Mission? HN भारत की घनी आबादी और उच्च सौर आतपन सौर ऊर्जा को भारत के लिए एक आदर्श ऊर्जा स्रोत बनाता है। किंतु सौर ऊर्जा निरंतर खर्चीली है और इस पर भारी निवेश की जरूरत पड़ती है। सौर ऊर्जा का स्‍वरूप अस्थिर है जिससे इसे ग्रिड में समायोजित करना मुश्किल … Read moreभारत का राष्ट्रीय सौर ऊर्जा मिशन क्या है?

तटीय क्षेत्र प्रबंधन के उद्देश्य और लक्ष्य क्या हैं?

Coastal Zone Management (CZM)- Purpose, Objective, Challenge and Act HN तटीय क्षेत्र ऐसे उच्च जल चिह्न तक प्रादेशिक जल की सीमा को परिभाषित करता है जो मुख्य भूमि, द्वीपों और समुद्र के संकीर्ण क्षेत्र से तटीय डोमेन की बाहरी सीमा बनाती हैं। तटीय क्षेत्र प्रबंधन (सीजेडएम) शासन की एक प्रक्रिया है जिसमें कानूनी और संस्थागत … Read moreतटीय क्षेत्र प्रबंधन के उद्देश्य और लक्ष्य क्या हैं?

भारत में समुद्री विकास कार्यक्रम

Ocean Development Programmes in India HN वैसे तो तट तथा किनारे को प्रायः पर्यायवाची के तौर पर लिया जाता है, परंतु इन दोनों में बहुत अंतर है। सागरीय किनारा सागर के उस भाग को कहते हैं, जो कि सबसे अधिक ज्वारीय जल की सीमा के मध्य होता है। सागरीय किनारे की रेखा (shore line) उसे … Read moreभारत में समुद्री विकास कार्यक्रम

भारत का राष्ट्रीय सतत पर्यावरण मिशन क्या है?

What is India’s National Mission on Sustainable Habitat? HN सतत विकास सामाजिक-आर्थिक विकास की वह प्रक्रिया है जिसमें पृथ्वी की सहनशक्ति के अनुसार विकास की बात की जाती हैं। यह अवधारणा 1960 के दशक में तक विकसित हुई जब लोग औधौगीकरण के पर्यावरण पर हानिकारक प्रभावों से अवगत हुए थे। सतत विकास का उदभव प्राकृतिक … Read moreभारत का राष्ट्रीय सतत पर्यावरण मिशन क्या है?

राष्ट्रीय बायोगैस और खाद प्रबंधन कार्यक्रम क्या है?

What is National Biogas and Manure management Programme HN पर्यावरण में हो रहे बदलाव से पूरी दुनिया समस्या का सामना कर रही है। इसलिए दुनिया कुछ वैकल्पिक ऊर्जा स्रोतों की तलाश कर रही है जो पर्यावरण के अनुकूल होने के साथ-साथ किफायती भी हो सके। ऊर्जा के स्रोतों को दो श्रेणियों में विभाजित किया जा … Read moreराष्ट्रीय बायोगैस और खाद प्रबंधन कार्यक्रम क्या है?

विश्व के स्थलीय बायोम क्षेत्र कौन से हैं

बायोम (जीवोम) स्थलीय पारिस्थितिक तंत्र का ही एक प्रमुख भाग है। इसके अंतर्गत वनस्पति एवं जीवों के समस्त क्रियाशील समूह शामिल किये जाते हैं। किसी प्रदेश विशेष की जलवायु, मिट्टी आदि कारकों से सामंजस्य स्थापित कर जो जटिल जैव-समुदाय विकसित  होता है उसे ही ‘बायोम’ कहते हैं। विश्व में पांच स्थलीय बायोम क्षेत्र हैं जिसको … Read moreविश्व के स्थलीय बायोम क्षेत्र कौन से हैं

जैविक प्रच्छादन क्या होता है और ग्लोबल वार्मिंग के युग में इसकी महत्ता क्या है

जैविक प्रच्छादन एक ऐसी प्रक्रिया है जिसके द्वारा पौधों और सूक्ष्म जीवों द्वारा वातावरण से कार्बन डाइऑक्साइड का शुद्ध निष्कासन तथा वनस्पति बायोमास और मिट्टी में इसका भंडारण किया जाता है। जलवायु परिवर्तन नीति के हिस्से के रूप में ग्रीन हाउस गैस और कार्बन उत्सर्जन को संतुलित करने के लिए जैविक प्रच्छादन शब्द का इस्तेमाल … Read moreजैविक प्रच्छादन क्या होता है और ग्लोबल वार्मिंग के युग में इसकी महत्ता क्या है

क्षारीय मृदा क्या होता है और इसका उपचार जिप्सम के माध्यम से कैसे किया जाता है?

पृथ्वी ऊपरी सतह पर मोटे, मध्यम और बारीक कार्बनिक तथा अकार्बनिक मिश्रित कणों को मृदा या मिट्टी (soil) कहते हैं। यह जीवन सहायक तत्व जैसे जैविक और अजैवी पदार्थ, खनिजों, गैसों, तरल पदार्थ, और जीवों से मिल कर बना है जो जीवन का समर्थन करते हैं। इसकी संरचना और संयोजन जगह-जगह भिन्न होती है। मृदा … Read moreक्षारीय मृदा क्या होता है और इसका उपचार जिप्सम के माध्यम से कैसे किया जाता है?

क्या आप ऑक्सीजन न्यूनतम क्षेत्र और अक्रिय क्षेत्र के बारे में जानते हैं

ऑक्सीजन पृथ्वी पर जीवन का एक केंद्रीय तत्व है क्योंकि यह एरोबिक श्वसन में मदद करता है जो चीनी (ग्लूकोज) या C6H12O6 को CO2 और H2O  परिवर्तित करता है जिससे कोशिकाओं को संचालित करने के लिए आवश्यक ऊर्जा मिलती है। ऑक्सीजन न्यूनतम क्षेत्र (Oxygen Minimum Zone) किसे कहते हैं? Source: images.slideplayer.com जल निकायों जैसे महासागर … Read moreक्या आप ऑक्सीजन न्यूनतम क्षेत्र और अक्रिय क्षेत्र के बारे में जानते हैं

क्या आप हरित जीडीपी और पारिस्थितिकीय ऋण के बारे में जानते हैं

जैव विविधता, पारिस्थितिक तंत्र सेवाओं और खनिज जमा, मिट्टी पोषक तत्व, और जीवाश्म ईंधन जैसे संसाधन पूंजीगत संपत्ति के सभी उपयोग हैं, लेकिन इसे राष्ट्रीय खाते या जीडीपी (सकल घरेलू उत्पाद) में शामिल नहीं किया जाता है। ऐसा इसलिए है क्योंकि वे पूंजीगत संपत्ति हैं और उनके मौद्रिक उपायों की गणना बाजार मूल्य पर नहीं … Read moreक्या आप हरित जीडीपी और पारिस्थितिकीय ऋण के बारे में जानते हैं