भारत में मान्यता प्राप्त राज्य के राजनीतिक दलों की सूची

अप्रैल 2019 तक भारत में राष्ट्रीय राजनीतिक दलों की संख्या 7 है, जबकि राज्यों की मान्यता प्राप्त पार्टियों की संख्या 35 है और क्षेत्रीय दलों की संख्या लगभग 329 है. यदि कोई पार्टी राज्य विधानसभा की कुल सीटों में से कम-से-कम 3% सीट या कम-से-कम 3 सीटें, जो भी ज्यादा हो प्राप्त करती है; तो उसे राज्य की मान्यता प्राप्त पार्टी का दर्जा चुनाव आयोग द्वारा मिल जाता है.

भारत को दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र कहा जाता है. भारत में लोक सभा और विधान सभा के आम चुनाव हर 5 साल के अन्तराल पर कराये जाते हैं. भारत में तीन तरह के राजनीतिक दल हैं.
1. राष्ट्रीय दल
2. राज्य दल
3. क्षेत्रीय दल

अप्रैल 2019 तक भारत में राष्ट्रीय पार्टियों की संख्या 7 है, राज्य के मान्यता प्राप्त दलों की संख्या 35 है और भारत में क्षेत्रीय दलों की संख्या लगभग 329 हैं.

भारत के चुनाव आयोग ने एक पार्टी को राष्ट्रीय या राज्य स्तर की पार्टियों के रूप में मान्यता देने के लिए कुछ मानदंड निर्धारित किए हैं.

यह उल्लेखनीय है कि राष्ट्रीय / राज्य / क्षेत्रीय दलों की स्थिति लोकसभा और राज्य विधानसभा चुनावों में उनके प्रदर्शन के आधार पर बदलती रहती है.

किसी रजनीतिक दल को नेशनल या स्टेट पार्टी के रूप में मान्यता मिलने का मतलब है कि नेशनल पार्टी को मिले चुनाव चिन्ह का उपयोग पूरे देश में कोई अन्य पार्टी नहीं कर सकती है जबकि स्टेट पार्टी के चुनाव चिन्ह का उपयोग उस राज्य में कोई अन्य पार्टी नहीं कर सकती है जिस राज्य में उसे स्टेट पार्टी के रूप में मान्यता मिली हुई है.

जैसे समाजवादी पार्टी उत्तर प्रदेश में एक स्टेट पार्टी में रूप में मान्यता रखती है अतः इस राज्य में किसी अन्य पार्टी को यह अधिकार नहीं है कि वह इसके चुनाव चिन्ह (साईकिल) का उपयोग कर सके.

इसी प्रकार बहुजन समाज पार्टी (एक नेशनल पार्टी) के चुनाव चिन्ह का उपयोग पूरे देश में कोई और पार्टी नहीं कर सकती है.

जबकि अन्य पंजीकृत लेकिन गैर-मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों को समय-समय पर चुनाव आयोग द्वारा घोषित “मुक्त प्रतीकों” के एक पूल से चुनाव चिन्ह चुनना होता है.

सन 1952 से अब तक लोकसभा चुनाव में प्रति मतदाता लागत कितनी बढ़ गयी है?

राज्य स्तरीय दल (State Party) की मान्यता पाने के लिए शर्तें:-

एक पार्टी को राज्य स्तरीय दल (State Party) का दर्जा पाने के लिए निम्न शर्तों में से कम से कम किसी एक शर्त को पूरा करना होगा.

1. यदि किसी पार्टी ने लोक सभा की प्रत्येक 25 सीटों में से कम से कम एक सीट जीती हो या लोकसभा के चुनाव में उस सम्बंधित राज्य में उसे विभाजन से कम से कम इतनी सीटें प्राप्त की हों.

2. यदि कोई पार्टी राज्य विधानसभा की कुल सीटों में से कम-से-कम 3% सीट या कम-से-कम 3 सीटें, जो भी ज्यादा हो प्राप्त करती है. या

3. यदि कोई पार्टी लोकसभा या राज्य विधानसभा के चुनाव में कुल वैध मतों में से कम से कम 6% मत प्राप्त करती है और साथ ही कम से कम 1 लोकसभा सीट या 2 विधानसभा सीट जीतती है. या

4. यदि कोई पार्टी लोकसभा या राज्य विधानसभा के आम चुनाव में किसी राज्य में एक भी सीट जीतने में विफल रहती है लेकिन वह उस राज्य में डाले गए कुल वैध मतों में से 8% मत प्राप्त करती है, तो उस राज्य में उस पार्टी को क्षेत्रीय पार्टी का दर्जा दिया जा सकता है. यह शर्त 2011 में जोड़ी गयी थी.

      पार्टी का नाम  

      राज्य

     संक्षिप्त रूप

 1. आम आदमी पार्टी    

 दिल्ली

AAP

 2. अरुणाचल कांग्रेस

 अरुणाचल प्रदेश

AC

 3. ऑल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कड़गम

 तमिलनाडु

AIADMK

 4. असोम गण परिषद

 असम

AGP

 5. ऑल इंडिया फॉरवर्ड ब्लॉक

 पश्चिम बंगाल

AIFB

 6. असम यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट

 असम

AUDF

 7. बीजू जनता दल

 ओडिशा

BJD

 8. द्रविड़ मुनेत्र कषगम

 तमिलनाडु और पुदुचेरी

DMK

 9. इंडियन नेशनल लोकदल

 हरियाणा

INLD

 10. जनता दल (सेकुलर)

 कर्नाटक और केरल

JD(S)

 11. जनता दल (यूनाइटेड)

 बिहार और झारखंड

JD(U)

12. जम्मू और कश्मीर नेशनल कांफ्रेंस

 जम्मू और कश्मीर

JKN

13. जम्मू और कश्मीर नेशनल पैंथर्स पार्टी

 जम्मू और कश्मीर

JKNPP

 14. जम्मू और कश्मीर पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी

 जम्मू और कश्मीर

JKPDP

 15. झारखंड मुक्ति मोर्चा

 झारखंड

JMM

 16. केरल कांग्रेस

 केरल

KEC

 17. केरल कांग्रेस (एम)

 केरल

KEC(M)

 18. लोक जनशक्ति पार्टी

 बिहार

LJP

 19. महाराष्ट्रवादी गोमांतक पार्टी

 गोवा

MAG

 20. मरुमलार्ची द्रविड़ मुनेत्र कड़गम

 तमिलनाडु और पुदुचेरी

MDMK

 21. मणिपुर पीपुल्स पार्टी

 मणिपुर

MPP

 22. मुस्लिम लीग केरल राज्य समिति

 केरल

MUL

 23. नागालैंड पीपल्स फ्रंट

 नागालैंड और मणिपुर

NPF

 24. पट्टली मक्कल काची

 तमिलनाडु

PMK

 25. राष्ट्रीय जनता दल

 बिहार

RJD

 26. क्रांतिकारी सोशलिस्ट पार्टी

 पश्चिम बंगाल

RSP

 27. शिरोमणि अकाली दल

 पंजाब

SAD

 28. सिक्किम डेमोक्रेटिक फ्रंट

 सिक्किम

SDF

 29. यूनाइटेड गोअंस डेमोक्रेटिक पार्टी

 गोवा

UGDP

 30. शिवसेना

 महाराष्ट्र

SHS

 31. समाजवादी पार्टी

 उत्तर प्रदेश

SP

 32. तेलुगु देशम

 आंध्र प्रदेश

TDP

 33. तेलंगाना राष्ट्र समिति

 आंध्र प्रदेश

TRS

 34. यूनाइटेड डेमोक्रेटिक पार्टी

 मेघालय

UDP

 35. उत्तराखंड क्रांति दल

 उत्तराखंड हिमालय

UKKD

22 अगस्त 2016 से नए नियमों के अनुसार; चुनाव आयोग अब 5 के बजाय हर 10 साल में राष्ट्रीय और राज्य पार्टी के स्टेटस की समीक्षा करेगा. अतः अभी जो पार्टियाँ नेशनल या स्टेट लेवल का स्टेटस प्राप्त कर चुकीं है उनका यह स्टेटस 2026 तक बरक़रार रहेगा.

उम्मीद है कि इस लेख को पढने के बाद आप समझ गए होंगे कि किसी पार्टी को स्टेट पार्टी का स्टेटस कब दिया जाता है.

किसी राजनीतिक पार्टी को राष्ट्रीय पार्टी का दर्जा कब मिलता है?

एक राष्ट्रीय पार्टी को चुनाव आयोग क्या-क्या सुविधाएँ देता है?