भारतीय दण्ड संहिता (आईपीसी) की महत्वपूर्ण कानूनी धाराएं और मिलने वाली सजा की सूची

कानूनी की महत्वपूर्ण धाराएं और सजा: (List of IPC Sections and Punishments in Hindi)

भारतीय दण्ड संहिता (Indian Penal Code) किसे कहते है?

भारतीय समाज को क़ानूनी रूप से व्यवस्थित रखने के लिए सन 1860 में लार्ड मेकाले की अध्यक्षता में भारतीय दंड संहिता बनाई गई थी। भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) भारत की मुख्य आपराधिक कोड है। इस संहिता में भारतीय संविधान की विभिन्न आपराधिक धाराओं और उनकी सजा का उल्लेख किया गया है।

भारतीय दण्ड संहिता भारत के अन्दर (जम्मू एवं कश्मीर को छोडकर) भारत के किसी भी नागरिक द्वारा किये गये कुछ अपराधों की परिभाषा व दण्ड का प्रावधान करती है। किन्तु यह संहिता भारत की सेना पर लागू नहीं होती। जम्मू एवं कश्मीर में इसके स्थान पर रणबीर दण्ड संहिता लागू होती है। इसमें कुल मिला कर 511 धाराएं हैं। आइये जाने भारतीय दण्ड संहिता (आईपीसी) की कौन सी धारा किस अपराध के लिए लगाई जाती है और उसमें क्या सजा दी जाती है:-

भारतीय दण्ड संहिता की महत्वपूर्ण धाराएं और सजा की सूची:

धाराओं के नामअपराधसजा
13जुआ खेलना/सट्टा लगाना1 वर्ष की सजा और 1000 रूपये जुर्माना
34सामान आशय
99  से 106व्यक्तिगत प्रतिरक्षा के लिए बल प्रयोग का अधिकार
110दुष्प्रेरण का दण्ड, यदि दुष्प्रेरित व्यक्ति दुष्प्रेरक के आशय से भिन्न आशय से कार्य करता हैतीन वर्ष
120षडयंत्र रचना –
141विधिविरुद्ध जमाव –
147बलवा करना2 वर्ष की सजा/जुर्माना या दोनों
156 (3)स्वामी या अधिवासी जिसके फायदे के लिए उपद्रव किया गया हो के अभिकर्ता का उपद्रव के निवारण के लिए क़ानूनी साधनों का उपयोग न करना।आर्थिक दंड
156स्वामी या अधिवासी जिसके फायदे के लिए उपद्रव किया गया हो के अभिकर्ता का उपद्रव के निवारण के लिए क़ानूनी साधनों का उपयोग न करना।आर्थिक दंड
161रिश्वत लेना/देना3 वर्ष की सजा/जुर्माना या दोनों
171चुनाव में घूस लेना/देना1 वर्ष की सजा/500 रुपये जुर्माना
177सरकारी कर्मचारी/पुलिस को गलत सूचना देना6 माह की सजा/1000 रूपये जुर्माना
186सरकारी काम में बाधा पहुँचाना3 माह की सजा/500 रूपये जुर्माना
191झूठे सबूत देना7 साल तक की सजा व जुर्माने का प्रावधान
193न्यायालयीन प्रकरणों में झूठी गवाही3/ 7 वर्ष की सजा और जुर्माना
201सबूत मिटाना
217लोक सेवक होते हुए भी झूठे सबूत देना2 साल तक की सजा व जुर्माने का प्रावधान
216लुटेरे/डाकुओं को आश्रय देने के लिए दंड
224/25विधिपूर्वक अभिरक्षा से छुड़ाना-2 वर्ष की सजा/जुर्माना/दोनों
231/32जाली सिक्के बनाना-7 वर्ष की सजा और जुर्माना
255सरकारी स्टाम्प का कूटकरण10 वर्ष या आजीवन कारावास की सजा
264गलत तौल के बांटों का प्रयोग1 वर्ष की सजा/जुर्माना या दोनों
267औषधि में मिलावट करना
272खाने/पीने की चीजों में मिलावट6 महीने की सजा/1000 रूपये जुर्माना
274 /75मिलावट की हुई औषधियां बेचना
279सड़क पर उतावलेपन/उपेक्षा से वाहन चलाना6 माह की सजा या 1000 रूपये का जुर्माना
292अश्लील पुस्तकों का बेचना2 वर्ष की सजा और 2000 रूपये जुर्माना
294किसी धर्म/धार्मिक स्थान का अपमान2 वर्ष की सजा
302हत्या/कत्लआजीवन कारावास/मौत की सजा
306आत्महत्या के लिए दुष्प्रेरण10 वर्ष की सजा और जुर्माना
308गैर-इरादतन हत्या की कोशिश7 वर्ष की सजा और जुर्माना
309आत्महत्या करने की चेष्टा करना1 वर्ष की सजा/जुर्माना/दोनों
310ठगी करनाआजीवन कारावास और जुर्माना
312गर्भपात करना
323जानबूझ कर चोट पहुँचाना
326चोट पहुँचाना
351हमला करना
354किसी स्त्री का शील भंग करना2 वर्ष का कारावास/जुर्माना/दोनों
362अपहरण
363किसी स्त्री को ले भागना7 वर्ष का कारावास और जुर्माना
366नाबालिग लड़की को ले भागना
376बलात्कार करना10 वर्ष/आजीवन कारावास
377अप्राकृतिक कृत्य अपराध5 वर्ष की सजा और जुर्माना
379चोरी (सम्पत्ति) करना3 वर्ष का कारावास /जुर्माना/दोनों
392लूट10 वर्ष की सजा
395डकैती10 वर्ष या आजीवन कारावास
396डकैती के दौरान हत्या
406विश्वास का आपराधिक हनन3 वर्ष कारावास/जुर्माना/दोनों
415छल करना
417छल/दगा करना1 वर्ष की सजा/जुर्माना/दोनों
420छल/बेईमानी से सम्पत्ति अर्जित करना7 वर्ष की सजा और जुर्माना
445गृहभेदंन
446रात में नकबजनी करना
426किसी से शरारत करना3 माह की सजा/जुर्माना/दोनों
463कूट-रचना/जालसाजी
477(क)झूठा हिसाब करना
489जाली नोट बनाना/चलाना10 वर्ष की सजा/आजीवन कारावास
493धोखे से शादी करना10 वर्षों की सजा और जुर्माना
494पति/पत्नी के जीवित रहते दूसरी शादी करना7 वर्ष की सजा और जुर्माना
495पति/पत्नी के जीवित रहते दूसरी शादी करना और दोनों रिश्तें चलाना10 साल की सजा और जुर्माना
496बगैर रजामंदी के शादी करना या जबरदस्ती विवाह करना07 साल की सजा और जुर्माना
497जारकर्म करना5 वर्ष की सजा और जुर्माना
498विवाहित स्त्री को भगाकर ले जाना या धोखे से ले जाना2 साल का कारावास या जुर्माना अथवा दोनों
499मानहानि
500मान हानि2 वर्ष की सजा और जुर्माना
506आपराधिक धमकी देना
509स्त्री को  अपशब्द कहना/अंगविक्षेप करनासादा कारावास या जुर्माना
511आजीवन कारावास से दंडनीय अपराधों को करने के प्रयत्न के लिए दंड

देश के कानून के अंतर्गत आने वाले 5 महत्वपूर्ण तथ्य:-

ये वो महत्वपूर्ण तथ्य है, जो हमारे देश के कानून के अंतर्गत आते तो है पर हम इनसे अंजान है। हमारी कोशिश होगी कि हम आगे भी ऐसी बहोत सी रोचक बाते आपके समक्ष रखे, जो आपके जीवन में उपयोगी हो।

1. शाम के वक्त महिलाओं की गिरफ्तारी नहीं हो सकती:

कोड ऑफ़ क्रिमिनल प्रोसीजर, सेक्शन 46 के तहत शाम 6 बजे के बाद और सुबह 6 के पहले भारतीय पुलिस किसी भी महिला को गिरफ्तार नहीं कर सकती, फिर चाहे गुनाह कितना भी संगीन क्यों ना हो। अगर पुलिस ऐसा करते हुए पाई जाती है तो गिरफ्तार करने वाले पुलिस अधिकारी के खिलाफ शिकायत (मामला) दर्ज की जा सकती है। इससे उस पुलिस अधिकारी की नौकरी खतरे में आ सकती है।

2. सिलेंडर फटने से जान-माल के नुकसान पर 40 लाख रूपये तक का बीमा कवर क्लेम कर सकते है:

पब्लिक लायबिलिटी पॉलिसी के तहत अगर किसी कारण आपके घर में सिलेंडर फट जाता है और आपको जान-माल का नुकसान झेलना पड़ता है तो आप तुरंत गैस कंपनी से बीमा कवर क्लेम कर सकते है। आपको बता दे कि गैस कंपनी से 40 लाख रूपये तक का बीमा क्लेम कराया जा सकता है। अगर कंपनी आपका क्लेम देने से मना करती है या टालती है तो इसकी शिकायत की जा सकती है। दोषी पाये जाने पर गैस कंपनी का लायसेंस रद्द हो सकता है।

3. आप किसी भी हॉटेल में फ्री में पानी पी सकते है और वाश रूम इस्तमाल कर सकते है:

इंडियन सीरीज एक्ट, 1887 के अनुसार आप देश के किसी भी होटल में जाकर पानी मांगकर पी सकते है और उस होटल का वाश रूम भी इस्तमाल कर सकते है। होटल छोटा हो या 5 स्टार, वो आपको रोक नही सकते। अगर होटल का मालिक या कोई कर्मचारी आपको पानी पिलाने से या वाश रूम इस्तमाल करने से रोकता है तो आप उन पर कारवाई कर सकते है। आपकी शिकायत से उस होटल का लायसेंस रद्द हो सकता है।

4. गर्भवती महिलाओं को नौकरी से नहीं निकाला जा सकता:

मैटरनिटी बेनिफिट एक्ट 1961 के मुताबिक़ गर्भवती महिलाओं को अचानक नौकरी से नहीं निकाला जा सकता। मालिक को पहले तीन महीने की नोटिस देनी होगी और प्रेगनेंसी के दौरान लगने वाले खर्चे का कुछ हिस्सा देना होगा। अगर वो ऐसा नहीं करता है तो उसके खिलाफ सरकारी रोज़गार संघटना में शिकायत कराई जा सकती है। इस शिकायत से कंपनी बंद हो सकती है या कंपनी को जुर्माना भरना पड़ सकता है।

5. पुलिस अफसर आपकी शिकायत लिखने से मना नहीं कर सकता:

आईपीसी के सेक्शन 166ए के अनुसार कोई भी पुलिस अधिकारी आपकी कोई भी शिकायत दर्ज करने से इंकार नही कर सकता। अगर वो ऐसा करता है तो उसके खिलाफ वरिष्ठ पुलिस दफ्तर में शिकायत दर्ज कराई जा सकती है। अगर वो पुलिस अफसर दोषी पाया जाता है तो उसे कम से कम 6 महीने से लेकर 1 साल तक की जेल हो सकती है या फिर उसे अपनी नौकरी गवानी पड़ सकती है।

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